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मार्कशीट्स बैकडेट में बीपीएड में दाखिला दिखाकर तैयार की गई थीं.* बेरोजगारी, करियर या शिक्षा में असफलता को दूर करती हैं।
इस तरह नवरात्रि के पूरे दिनों में मां की आराधना करें।
जीवन में आने वाले संकट और बाधाएं दूर होती हैं।
शनिवार से गुप्त नवरात्रि, कैसे करें पूजा, जानें विधि और पूजन सामग्री
गुप्त नवरात्रि हिंदू सनातन धर्म में अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक समय मानी जाती है। यह नवरात्रि विशेष रूप से गुप्त साधनाओं, तांत्रिक अनुष्ठानों, और महाविद्या की उपासना के लिए मनाई जाती है। इसे गुप्त इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसकी साधनाएं और अनुष्ठान गुप्त रूप से किए जाते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य आत्म-शुद्धि, शक्ति संचय और देवी के विभिन्न स्वरूपों की आराधना करना है।
* पितृदोष और कालसर्प दोष जैसे दोषों को दूर करती हैं।
घट (कलश) स्थापना नवरात्रि पूजा का प्रथम और सबसे महत्वपूर्ण चरण है। यह शुभता, ऊर्जा, और देवी दुर्गा की उपस्थिति का प्रतीक है।
अखंड दीपक जलाएं और नौ दिनों तक जलने दें।
मंत्र साधना: साधक अपनी साधना के अनुसार गुरु से प्राप्त मंत्रों का जाप कर सकते हैं।
साधक को मनोवांछित सिद्धियां और फल प्राप्त होते हैं।
कलश के ऊपर नारियल रखें। नारियल को लाल वस्त्र में लपेटकर कलावा से बांधें।
मां की here आरती गाएं, उन्हें फूल, अक्षत चढ़ाएं और बेदी से कलश को उठाएं।
* बिजनेस आदि में आ रही परेशानियों को दूर करती हैं।
ना करे रक्षा तो महाबली भैरव की दुहाई।।